डायल किया गया नम्बर अभी व्यस्त है

मैं नहीं हूँ
तो कोई और है वहाँ,
कुछ और कहता हुआ
जिसके शब्दों के अर्थ भी आधी रात की तुम्हारी हँसी में
ख़ुशी से उलझकर ख़ुदकुशी करते हैं।
वह भी खिड़कियाँ खोलकर गहरी साँस लेता है
तुम सुनती हो उसका साँस लेना और उन्माद है,
जिसकी छत पर आत्माएँ शरीर हो जाती हैं
मासूमियत से
और वीकएंड है।


डायल किया गया नम्बर अभी व्यस्त है। कृपया कुछ देर बाद डायल करें।
यह मेरे संसार का ब्रह्मवाक्य है, सुनो
और इसकी प्रतिध्वनियों की टकराहटों की दीवारों में
ऐंठा जाता है मेरा रोम रोम,
ज़िन्दा रहने की आख़िरी कोशिश में
अकेले बिस्तर पर करवटें बदलता हुआ
मैं तुम दोनों के संसर्ग की कल्पनाओं में उत्तेजना तलाशता हूं।

वे कौन लड़कियाँ हैं जिन्होंने इतना मारा है मुझे?
क्या होगा?



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4 पाठकों का कहना है :

ओम आर्य said...

वे कौन लड़कियाँ हैं जिन्होंने इतना मारा है मुझे?
क्या होगा?

भाइया ...जहाँ रुहे शरीर धारण करती है,वही इन लडकियो के चक्कर मे शरीर रुह अवश्य बन जायेगी.
जब आप पुछ रहे हो तो बता ही देते है.....हमेशा की तरह खुबसूरत .....

अनिल कान्त : said...

karvatein badalte jagte rehna aadat hai humari....ho sakta hai wajah alag alag hon

प्रशांत मलिक said...

देखो क्या होता है :)

Aless said...

bahut udar aur sidha, Gaurav, yah pratit "akhiri koshisha me'" bilkul nahi hota hai.